कभी अचानक, कभी भयानक, दोनों के बीच उन्माद यह जिंदगी। कभी अचानक, कभी भयानक, दोनों के बीच उन्माद यह जिंदगी।
दिल को भी नही मालूम वो क्यों नाराज है उनसे क्या उमीद कर रहा है उनसे। दिल को भी नही मालूम वो क्यों नाराज है उनसे क्या उमीद कर रहा है उनसे।
ना जाने क्यों तुझे छूने को जी करता है, ना जाने क्यों तुझे पाने को जी करता है, ना जाने क्यों तुझे छूने को जी करता है, ना जाने क्यों तुझे पाने को जी करता है,
फिर किसी ने समझाया, गोल-गोल जलेबी जैसी ही जाती है मुंह के अंदर, फिर किसी ने समझाया, गोल-गोल जलेबी जैसी ही जाती है मुंह के अंदर,
तो माँ का महत्व दुनिया में कम हो नहीं सकता और माँ जैसा दुनिया में कुछ हो नहीं सकता तो माँ का महत्व दुनिया में कम हो नहीं सकता और माँ जैसा दुनिया में कुछ हो नहीं सक...
हजारों शब्दों के शोर में मैं तुम्हारी आवाज हूँ, हजारों शब्दों के शोर में मैं तुम्हारी आवाज हूँ,